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कल हमने तत्व-ज्ञान -जीव तत्व - के बारे मै पढा आज हम इससे आगे अपने ज्ञानसात करेगे। जैन दर्शन अहिंसा - जी व-जगत् में एक मर्यादा तक अहिंसा की प्रवृत्ति स्वाभाविक है। पशु-पक्षी और उनसे भी निम्न स्तर के जीव-जन्तुओं में अपनी जाति के जीवों को मारने व खाने की प्रवृत्ति प्रायः नहीं पाई जाती। सिंह, more